वेद पुराणको नउँइन जाण्णा
सन्न्या पुजाको भाउइन माण्णा
जुणिकि ठौर जुल्फि पाल्लान
जनइका बदेला लमेलो हाल्लान
कुकुड़ा सुङर जिउनाइ लुच्छान
खसिकि छाड़मन् राङाइ सुच्चान,
सिरान दारुकि शिशि राख्दान
रात्तै उठन्ज्याँ तसै चाख्दान
सौ मुल्क पुजिबरे जुठो चट्टान
चोख्या हौं भणिबरे और ढाँट्टान,
नाना ठुला सपसित छल अद्दान
बँठेउलाँइ बवाल कल गद्दान
अमिर्का, यूरोप, अरब झनान
जिपायो जुठो पिठो सपै खनान
माइकल, अब्दुलका गोडा मल्लान
घर आइ भाइनको छोड़ो हल्लान
हुनाजना कामकिलाइ, नाँइमाण्णा कामन
हला माञि हात राख्दाइ हौँ भण्णान बामन
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